80-90 के दशक के सदाबहार गीतों से सजी शाम, सुरों ने बांधा समां


सीहोर। ‘सरगम के साथियों’ द्वारा आयोजित 80 एवं 90 के दशक के सदाबहार फिल्मी गीतों की संगीतमय प्रस्तुति ने श्रोताओं को पुराने दौर की सुनहरी यादों में पहुंचा दिया। कार्यक्रम में कलाकारों ने किशोर कुमार,लता मंगेशकर, आशा भोंसले, कुमार शानू, उदित नारायण सहित गायकों के एक से बढ़कर एक लोकप्रिय गाने प्रस्तुत कर संगीत प्रेमियों का मन मोह लिया।


कार्यक्रम में ‘किसी नजर को तेरा इंतजार’, ‘ये दौलत भी ले लो शोहरत भी ले लो’, ‘छूकर मेरे मन को’, ‘जानम देख लो मिट गई दूरियां’, ‘दिल तो पागल है’, ‘मेरा चांद मुझे आया है नजर’, ‘मेरे प्यार को उमर हो इतनी सनम’, ‘हमें तुमसे प्यार कितना’, ‘झुकी-झुकी सी नजर’, ‘याद आ रहा है तेरा प्यार’, ‘पग घुंघरू बांध मीरा नाची थी’, ‘एक दो तीन चार पांच’, ‘जीवन के दिन’, ‘मंजिलें अपनी जगह हैं’, ‘सो गया ये जहां’, ‘प्यार तो होना ही था’, ‘फूलों सा चेहरा तेरा’, ‘आंख है भरी-भरी’, ‘अक्सर इस दुनिया में’, ‘अब तेरे बिन जी लेंगे हम’, ‘सोचेंगे तुम्हें प्यार करें कि नहीं’, ‘दो दिल मिल रहे हैं’, ‘दीदी तेरा देवर दीवाना’, ‘जिंदगी प्यार का गीत है’, ‘सोनी-सोनी मेरी तमन्ना’, ‘दर्द-ए-दिल दर्द-ए-जिगर’, ‘मेरे संग आया तेरी यादों का मेला’, ‘तूने ओ रंगीले कैसा जादू किया’ सहित अनेक लोकप्रिय गीतों की प्रस्तुति दी गई।

राजेश काशिव और सीमा जोशी ने अपनी प्रस्तुति से श्रोताओं की खूब तालियां बटोरीं।कार्यक्रम में डॉ. श्रेष्ठा सक्सेना ने भी अपनी मधुर आवाज में गीत प्रस्तुत कर सभी का मन मोह लिया।  

कार्यक्रम में अतिथियों का स्वागत राजेश काशिव, सीमा जोशी एवं प्रदीप नागिया ने किया। कार्यक्रम का आकर्षक और सफल संचालन प्रदीप नागिया ने किया। इस अवसर पर वरिष्ठ समाजसेवी रामनारायण ताम्रकार , प्रेमलता राठौर , रीटा दुबे सहित बड़ी संख्या में संगीत प्रेमी मौजूद रहे।

पूरे कार्यक्रम के दौरान 80 एवं 90 के दशक के गीतों की मधुर धुनों पर श्रोता भाव-विभोर नजर आए और कलाकारों की प्रस्तुतियों पर तालियों से उत्साहवर्धन किया।


Post a Comment

0 Comments