कुबेरेश्वरधाम आज होगा कांवड़ मेले का विराम सावन में डाक कांवड़ लेकर पहुंचे गुना-शिवपुरी के युवा, जारी है आस्था का सिलसिला


सीहोर। सावन मास के समापन के साथ ही कुबेरेश्वरधाम में एक माह से चल रहे कांवड़ मेले का शुक्रवार को विराम होगा। हालांकि कांवड़ यात्रा का क्रम सावन के बाद भी परंपरा के अनुसार जारी रहेगा। गुरुवार को भी शहर के सोया चौपाल क्षेत्र से गुना और शिवपुरी के करीब 10 युवा डाक कांवड़ लेकर कुबेरेश्वरधाम पहुंचे। बाइक से निकले इन शिवभक्तों के जत्थे ने पूरे रास्ते हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयघोष लगाए। धाम पहुंचने पर विठलेश सेवा समिति की ओर से पंडित विनय मिश्रा, पंडित समीर शुक्ला सहित अन्य ने कांवड़ियों का स्वागत-सम्मान किया।

गत दिनों शहर के सीवन नदी तट से कुबेरेश्वरधाम तक निकाली गई करीब 11 किलोमीटर लंबी ऐतिहासिक कांवड़ यात्रा संपन्न हो चुकी है, लेकिन इसके बाद भी श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला थमा नहीं है। बारिश के बीच भी प्रतिदिन शिवभक्त सीवन नदी के तट पर पहुंचकर पवित्र जल भर रहे हैं और कांवड़ लेकर कुबेरेश्वरधाम पहुंचकर भगवान शिव का जलाभिषेक कर रहे हैं।

डाक कांवड़ में दिखा युवा जोश

गुना और शिवपुरी से पहुंचे युवाओं ने बताया कि अंतर्राष्ट्रीय कथा वाचक पंडित प्रदीप मिश्रा के माध्यम से शिव महापुराण कथा और कांवड़ यात्रा के जरिए भगवान शिव की भक्ति, सनातन संस्कृति और आध्यात्मिक मूल्यों का संदेश देश-दुनिया में पहुंच रहा है। इसी प्रेरणा से उन्होंने डाक कांवड़ यात्रा का संकल्प लिया। बाइक पर सवार युवाओं का जत्था पूरे उत्साह के साथ धाम पहुंचा। रास्तेभर गूंजते शिव के जयकारों से वातावरण भक्तिमय हो गया।

आज शाम आरती के बाद होगा कांवड़ मेले का विराम

विठलेश सेवा समिति के मीडिया प्रभारी मनोज दीक्षित मामा ने बताया कि शुक्रवार को सावन पूर्णिमा और रक्षा बंधन के अवसर पर बाबा की आरती के बाद कांवड़ मेले का विधिवत विराम किया जाएगा। इसके बाद भी देशभर से श्रद्धालु अपनी आस्था के अनुसार कुबेरेश्वरधाम पहुंचते रहेंगे। सावन के बाद भादो माह में भी कांवड़ का क्रम परंपरा के अनुसार जारी रहता है, हालांकि श्रद्धालुओं की संख्या में कमी आती है।

सुबह होगा बाबा का मंगल तिलक

रक्षा बंधन के पावन अवसर पर शुक्रवार सुबह सादगी के साथ अंतर्राष्ट्रीय कथा वाचक पंडित प्रदीप मिश्रा के सानिध्य में बाबा का मंगल तिलक किया जाएगा। धाम पर अभी भी हजारों श्रद्धालु मौजूद हैं। कांवड़ मेले के दौरान पांच हजार से अधिक सेवादारों ने भोजन-प्रसादी सहित विभिन्न व्यवस्थाओं में अपनी सेवाएं दीं। गुरुवार को पंडित प्रदीप मिश्रा ने सेवादारों से भेंट कर उनके सेवा कार्य की सराहना की।

विदाई के समय बोले श्रद्धालु- फिर आएंगे बाबा के धाम

कांवड़ यात्रा और मेले के समापन के बाद अपने घर लौट रहे सेवादारों और श्रद्धालुओं में भावुकता भी देखने को मिली। श्रद्धालुओं ने कहा कि कुबेरेश्वरधाम से उनका जुड़ाव केवल धार्मिक आस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि यहां उन्हें अपनेपन का अनुभव होता है। उनका कहना था कि शीघ्र ही दोबारा बाबा के दरबार में लौटेंगे। श्रद्धालुओं के अनुसार कुबेरेश्वरधाम देश-विदेश की अनेक महिलाओं के लिए मायके जैसा अपनापन देने वाला धाम बन गया है, जहां वे अपनी श्रद्धा और विश्वास के साथ भगवान शिव के दर्शन करने आती हैं।


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