सीहोर मंडी शुल्क में बढ़ोतरी के विरोध में कृषि उपज मंडी व्यापारियों ने कारोबार बंद रखकर मुख्यमंत्री के नाम जिलाधिकारी को सौंपा ज्ञापन मंडी शुल्क 1 प्रतिशत से बढ़ाकर 1.5 प्रतिशत करने पर व्यापारियों ने एक दिवसीय सांकेतिक हड़ताल रखी


सीहोर। राज्य सरकार द्वारा कृषि उपज पर मंडी शुल्क को एक प्रतिशत से बढ़ाकर डेढ़ प्रतिशत किए जाने के निर्णय का विरोध पूरे प्रदेश में गल्ला व्यापारियों द्वारा किया जा रहा है। मध्य प्रदेश अनाज, दलहन, तिलहन व्यापारी महासंघ के आह्वान पर आज सीहोर कृषि उपज मंडी के व्यापारी संगठन ग्रेन मर्चेंट एसोसिएशन द्वारा भी विरोध प्रकट किया गया एवं व्यापारियों ने एकदिवसीय सांकेतिक हड़ताल के रूप में मंगलवार के दिन अपना कारोबार बंद रखा।

  व्यापारियों ने मंडी बंद रखने की सूचना पहले ही मंडी समिति को दे दी थी। बड़ी हुई टैक्स वृद्धि वापस लेने की मांग को लेकर सीहोर गल्ला व्यापारीयों ने ग्रैंन मर्चेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष जितेंद्र राठौर के नेतृत्व में कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन तहसीलदार अमित सिंह को सौंपा।

 व्यापारियों का कहना है कि प्रदेश का अनाज व्यापार और इससे जुड़े उद्योग-धंधे पहले से ही गंभीर आर्थिक चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। कई उद्योग बंद होने की कगार पर हैं। ऐसी स्थिति में मंडी शुल्क बढ़ाना व्यापार और उद्योग दोनों को प्रभावित करने वाला कदम साबित होगा। व्यापारियों ने तर्क दिया कि देश के कई राज्यों में मंडी शुल्क महज 0.5 से 1 प्रतिशत के बीच है। हमारा संगठन लंबे समय से इसे घटाकर 0.5 प्रतिशत करने की मांग कर रहा था, लेकिन सरकार ने इसे घटाने के बजाय डेढ़ प्रतिशत कर दिया, जो न्यायसंगत नहीं है।

किसानों पर पड़ेगा सीधा असर

एसोसिएशन के अध्यक्ष जितेंद्र राठौर ने बताया कि मंडी शुल्क में इस बढ़ोतरी का सीधा और अप्रत्यक्ष असर प्रदेश के किसान भाइयों पर पड़ेगा। जब टैक्स ज्यादा होगा तो व्यापारियों का लागत खर्च बढ़ेगा, जिससे किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिलने में भारी कठिनाई होगी। यह फैसला पूरी तरह से कृषक और व्यापारिक हितों में नहीं है। व्यापारी प्रतिनिधि मंडल में प्रमुख रूप से व्यापारी अध्यक्ष जितेंद्र राठौर, सरक्षक अनिल पालीवाल, पुनीत राठौर, जयंत शाह, राजकुमार राठौर, आशीष जैन, सतीश राठौर, सुधाकर शाह, गौरव शाह, देवेंद्र गांधी, सुरेंद्र राठौर, जीवन मेवाड़ा, संजय राठौर, मंगल चाचा, निमिष चांडक, अशोक अरोरा, धर्मेश साहू, महेश साहू, सौरव अग्रवाल मौजूद रहे।

साथ ही व्यापारियों ने यह चेतावनी भी दी है कि यदि सरकार ने 1.5 प्रतिशत मंडी शुल्क करने के फैसले को तत्काल वापस नहीं लिया, तो यह आंदोलन आगे और उग्र रूप ले सकता है।



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