सीहोर। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी को लेकर दिए गए एक विवादित बयान के बाद पूरे मध्य प्रदेश सहित जिले में भी सियासी पारा गर्म हो गया है। मुख्यमंत्री के इस बयान से आक्रोशित कांग्रेस कार्यकर्ताओं का गुस्सा सडक़ों पर फूट पड़ा है। आष्टा में कांग्रेसियों ने उग्र प्रदर्शन किया, जिसे काबू में करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज तक करना पड़ा। इस पूरी घटना के विरोध में सोमवार को कांग्रेस का एक प्रतिनिधिमंडल पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचा और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपकर दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग की।

बता दें यह पूरा विवाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के उस बयान के बाद शुरू हुआ, जो उन्होंने शुजालपुर में एक जनसभा के दौरान दिया था। सीएम ने पीसीसी चीफ जीतू पटवारी पर सीधा निशाना साधते हुए उन्हें दो कौड़ी का नेता कह दिया था। मुख्यमंत्री ने कहा था कि उनका (कांग्रेस का प्रदेश अध्यक्ष दो कौड़ी का नेता है, जो स्वयं 40 हजार वोटों से चुनाव हार गया। मुख्यमंत्री के इस तीखे और व्यक्तिगत हमले के बाद से ही पूरे प्रदेश में कांग्रेसियों में भारी उबाल है और वे लगातार सडक़ों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।

पुतला दहन के दौरान पुलिस ने भांजी लाठियां

मुख्यमंत्री के इस बयान के विरोध में रविवार को आष्टा में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने सीएम डॉ. मोहन यादव का पुतला फूंकने का प्रयास किया। जैसे ही कांग्रेसी पुतला जलाने आगे बढ़े, वहां तैनात पुलिस बल ने उनसे पुतला छीन लिया। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी झड़प हो गई। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने उग्र हो रहे कांग्रेसी नेताओं पर लाठियां बरसाना शुरू कर दिया। लाठीचार्ज के दौरान पुलिसकर्मियों द्वारा कांग्रेस कार्यकर्ताओं को दौड़ा-दौड़ाकर मारते हुए वीडियो भी सामने आए हैं, जिससे मामला और ज्यादा तूल पकड़ गया।

बाबा साहेब की प्रतिमा व गांधीजी के चित्र के समक्ष पुष्प अर्पित कर रघुपति राघव भजन गाकर डॉ.मोहन यादव को सदबुद्धी के लिये की प्रार्थना

सीएम के बयान और रविवार को हुए लाठीचार्ज के विरोध में सोमवार को कांग्रेस जिलाध्यक्ष राजीव गुजराती के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कांग्रेसी कार्यकर्ता बस स्टैंड स्थित अंबेडकर पार्क पहुंचे। यहां कांग्रेस नेताओं ने बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा एवं गांधीजी के चित्र के समक्ष बैठकर रघुपति राघव राजाराम भजन गाकर डॉ.मोहन यादव को सद्बुद्धी के लिये प्रार्थना की और सरकार व पुलिस प्रशासन के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया। इसके बाद जिलाध्यक्ष राजीव गुजराती के नेतृत्व में सभी कांग्रेसी रैली के रूप में पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे। वहां कांग्रेसियों ने आष्टा में हुई लाठीचार्ज की घटना को लेकर गहरी नाराजगी व्यक्त की और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुनीता रावत को एक ज्ञापन सौंपा।

मोबाइल में वीडियो दिखाकर पूछा, हमारा अपराध क्या था

ज्ञापन सौंपने के दौरान कांग्रेस जिलाध्यक्ष राजीव गुजराती ने अपने मोबाइल में कैद आष्टा की घटना का लाइव वीडियो एएसपी सुनीता रावत को दिखाया। वीडियो दिखाते हुए गुजराती ने पुलिस प्रशासन से सवाल किया किए कांग्रेस कार्यकर्ताओं का ऐसा कौन सा बड़ा अपराध था, जिसके लिए पुलिस ने उन पर इस तरह बेरहमी से लाठियां चलाईं, लोकतांत्रिक तरीके से विरोध प्रदर्शन करना हमारा अधिकार है।

दोषी पुलिसकर्मियों के निलंबन की मांग

कांग्रेस ने एएसपी को सौंपे ज्ञापन में साफ तौर पर कहा कि जिन पुलिसकर्मियों ने आष्टा में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं पर बर्बरतापूर्वक लाठियां बरसाई हैं, उन्हें तुरंत प्रभाव से निलंबित किया जाए।

इस अवसर पर प्रमुख रूप से विवेक राठौर, घनश्याम यादव, कमलसिंह चौहान, धर्मेन्द्र सिंह ठाकुर, प्रीतम दयाल चौरसिया, रमेश गुप्ता, प्रेमनारायण परमार, एच.आर.परमाल, सुभलसिंह ठाकुर, लोकेन्द्र सिंह भाटी, संदीप सिंह ठाकुर, आत्माराम परमार, चन्दरसिंह ठाकुर, अमित पटेल, रामचरण दवारिया, बंशीलाल बाम्बे, रूपसिंह गोरिया, राकेश वर्मा, नरेन्द्र खंगराले, के.के.रिछारिया, तुलसी राजकुमार राठौर, भगत सिंह तोमर, कपिल गौर, संतोष मालवीय, आसिफ अंसारी, पंकज शर्मा, सुखसिंह, नायाब खान, गजराज परमार, संतोष मालवीय, हरिओम सिसोदिया, लक्की सक्सेना, तनिष्क त्यागी, यश यादव, अनुभव सेन, शुभम त्यागी, विवेक टाँक, दिव्यांश मालवीय, अभिषेक लोधी, प्रवेश परिहार, जितेन्द्र परमार आदि उपस्थित रहे।