सीहोर। अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा जिला सीहोर परिवार के सदस्यों द्बारा आर.के.पैलेस गार्डन के आगे रेल्वे स्टेशन के पास शिवलोक होटल में वीर शिरोमणि सम्राट पृथ्वीराज चौहान जी की 860 वी जयंती उनके चित्र पर माल्यार्पण व पुष्प गुच्छों को अर्पित करते हुए हर्षोल्लास, उमंग एवं उत्साह के साथ सभी सक्रिय सदस्यों की उपस्थिति में मनाई गई।
आज का क्षत्रिय महासभा के लिए यादगार दिन भी बन गया।यह उल्लेख ठाकुर गणेश सिंह चौहान अध्यक्ष अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा जिला सीहोर द्बारा बताया गया कि अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा परिवार के सक्रिय सदस्य प्रति माह वीसी का आयोजन करती है।इस आयोजन का उद्देश्य सामाजिक गतिविधियों को सुचारू रूप से संचालित करने एवं संगठित होकर समाज को एकजुट करने में मदद मिलती है।
आज वीसी में आगामी 17 जून को होने वाले कार्यक्रम वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप जी एवं महाराज छत्रसाल जी की जयंती मनाई जाएगी इस सम्बन्ध में भी चर्चा एवं रुपरेखा तैयार की गई।
संगठन सचिव ठाकुर गोपाल सिंह द्बारा बताया गया कि आज हम राजपूत क्षत्रिय समाज के गौरव की जयंती हैं। जिन्हें शब्द भेदी बाण एैसी युद्बकलाओ से पूरे उत्तर भारत में अपनी धाक जमाई थीं।
डा.महेन्द्र सिंह राठौड़ द्बारा बताया गया कि सम्राट पृथ्वीराज चौहान 12 सदी के उत्तरार्ध में अजमेर और दिल्ली के अन्तिम स्वतंत्र हिन्दू सम्राट थे।
ठाकुर जितेन्द्र सिंह राठौड़ द्बारा बताया गया कि सम्राट पृथ्वीराज चौहान का शासन 1178-1192 ई.तक रहा। इनके शौर्य और पराक्रम कों याद करने के लिए जयंती मनाई जाती है। ताकि हमारी वर्तमान व भावी पीढ़ी को गर्व हो व उनके जीवन से सीखते हुए अपने आप को गौरवान्वित महसूस करें।
ठाकुर धीरेन्द्र सिंह राजावत द्बारा बताया गया कि सम्राट पृथ्वीराज चौहान का जन्म 1166 ई.को राजा सोमेश्वर चौहान व माता श्रीमती रानी कर्पुरा देवी के यहां हुआ था।व इनको "रायपिथौरा"भी नाम था।
ठाकुर शिवशंकर सिंह द्वारा बताया गया कि सम्राट पृथ्वीराज चौहान द्बारा निर्णायक लड़ाई अफगान शासक मोहम्मद गोरी के साथ तराईन के पहले युद्ध 1191 में इन्होंने मोहम्मद गोरी को हराया था लेकिन दूसरे युद्ध 1192 में गोरी ने पृथ्वीराज चौहान कों हरा कर बंदी बनाया गया।
कार्यक्रम के समापन पर राजेन्द्र सिंह सिकरवार (राजू) मीडिया प्रभारी ने बताया कि सम्राट पृथ्वीराज चौहान के अभिन्न मित्र चन्दवरदाई थे उन्होंने वन्दी के समय प्रथवीराज चौहान के लिए एक दोहा बोला था। चार बांस चौबीस गज, अंगुल अष्ट प्रमाण।
ता ऊपर सुल्तान है, मत चूके चौहान।।
इस दोहे से सम्राट पृथ्वीराज चौहान ने शब्द भेदी बाण चला कर मोहम्मद गोरी को तीर बाण से मारगिराया था।
ऐसे थे हमारे भारत के जांबाज देशभक्त वीर शिरोमणि सम्राट पृथ्वीराज चौहान। जिनके चरणों में सत सत नमन वंदन करते हैं।
जय राजपुताना जय अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के नारों का उदघोष करते हुए सभी आत्मीय बंधूओ का धन्यवाद किया।
कार्यक्रम में प्रमुख रूप से सरदार ठाकुर रमेश सिंह चौहान, ठाकुर कृष्ण पाल सिंह सेंगर, सियाराम सिंह गोतम, चन्दन सिंह सिसौदिया, विजय सिंह तोमर, कर्ण वीर सिंह चौहान, अजीत सिंह सिदल, रामजीत सिंह शिवजी सिंह, नवतेश सिंह चोकर, इंद्रपाल सिंह गहरवार, देवेन्द्र चौहान, शिवनाथ सिंह,लखन सिंह गोर,अजय सिंह पंवार, प्रताप सिंह बैंस, सुरेन्द्र सिंह कुशवाहा, गजराज सिंह राघव आदि उपस्थित रहे।

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