भैंसाखेड़ी के नवनिर्मित मंदिर में हुई देव प्रतिमाओं की प्राण प्रतिष्ठा श्रद्धालुजनों ने श्रीराम कथा का श्रवण किया और भंडारे में प्रसादी ग्रहण कर देव प्रतिमाओं की परिक्रमा कर धर्म दर्शन लाभ प्राप्त किया


सीहेार। भेंसाखेड़ी के नवनिर्मित मंदिर में शिवलिंग, माता चामुंडा व रामभक्त हनुमानजी की प्रतिमाओं की प्राण प्रतिष्ठा की गई। शुभावसर पर उपस्थित ग्रामीणों ने हर हर महादेव व जय श्रीराम का जय घोष कर भगवान के प्रति आस्था प्रकट की। पूर्णाहुति महा आरती के अवसर पर संतजनों ने अपने आशिर्वाद वचन दिए। भंडारा कार्यक्रम में आसपास के सामाजिक धार्मिक सांस्कृतिक कीर्तन मंडली के सदस्यों ने भजन कीर्तन कर खुशिया मनाई और पुष्प वर्षा कर उपस्थित ब्राम्हण व संतजनो का स्वागत किया। आयोजित श्रीराम महायज्ञ प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव के अंतर्गत रविवार को यज्ञ स्थल पर यज्ञ संचालक संतश्री गोपालाजी और मार्गदर्शक पंडित मांगीलाल व्यास, आचार्य पंडित राजेश व्यास, कथा वाचक महेंद्र कृष्णशास्त्री रामबाबू पुजारी की उपस्थित में विप्रजनों के द्वारा वैदमंत्र उच्चारित कर देव प्रतिमाऐं विराजित की गई। श्रद्धालुजनों ने श्रीराम कथा का श्रवण किया और भंडारे में प्रसादी ग्रहण कर देव प्रतिमाओं की परिक्रमा कर धर्म दर्शन लाभ प्राप्त किया।


कथा वाचक महेंद्र कृष्णशास्त्री ने श्रीराम कथा का वाचन करते हुए कहा कि भगवान राम के नाम की महिमा अपरमपार है भगवान राम के स्मरण मात्र से मन को शांति आत्म को मौक्ष प्राप्त होता है इस कलयुग में सबसे प्रभावी साधना और सरल साधना भगवान शंकर और भगवान राम की है। यह देव अतिशीघ्र अपने भक्तों की करूण पूकार सुनते है और उसका कल्याण करते है। इस लिए हमें सदेव भगवान के नाम का स्मरण करना चाहिए। 


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