हुआ विमोचन मां सीवन परिक्रमा मार्ग के पोस्टर का,श्री 1008 संत हरिराम दास महाराज के द्वारा बोले 25 या 30 सालों के बाद मानव जीवन कठिन होंगा, इसलिए नदियों को बचाएं साथ ही पेड़ों को लगाएं सीवन पुत्रों ने लिया संकल्प पेड सीवन के लिए लगाने हेतु दूसरी तरफ छतरी घाट पर बन गए दो जलाशय


बुधवार का दिन एक बार फिर मां सीवन के नाम रहा सबसे पहले सीवन पुत्र की टीम श्री गणेश जी के श्री चरणों में मां जीवन परिक्रमा मार्ग पोस्ट को अर्पण करने गई, वहीं दूसरी तरफ सिवान योद्धा की टीम छतरी घाट कस्बा सीहोर में 46 डिग्री तापमान में जलाशयों को तैयार करने में लगी रही, ताकि बेजुबान जानवर पशु पक्षी जीव जंतु जलाशय से अपने अपनी प्यास बुझा सके

शाम 5:30 प्रसिद्ध श्री हंस दास मठ मंदिर सीवन के तट पर सीवन पुत्र,सीवन पुत्री एवं सीवन योद्धाओं की टीम मां सिवन परिक्रमा के पोस्टर का विमोचन करवाने हेतु पहुंची श्री हंस दास मठ मंदिर में उस समय बहुत ज्यादा धार्मिक वातावरण बन गया जब सीवन पुत्र अशोक नामदेव, वैभव राठौर एवं कैलाश चव्हाण ने अपने सुंदर भजनों की प्रस्तुति दी ।


भजनों की प्रस्तुति के उपरांत सीवन पुत्र प्रदीप चावड़ा ने मां सीवन परिक्रमा के पोस्टर विमोचन की रूपरेखा रखी और उन्होंने 60 दिनों में जिस प्रकार से सीवन योद्धाओं ने सीवन पुत्रों ने सीवन पुत्री ने काम किया भीषण गर्मी में अपने आप को तपाया और सीवन उद्धार के लक्ष्य को लेकर चले उन सभी कामों को एवं आयोजनों से सभी को परिचित करवाया ।


इसके बाद संत श्री श्री 1008 हरिराम दास महाराज द्वारा मां सीवन परिक्रमा का पोस्टर का विमोचन हुआ इस पोस्टर में उन सभी गांव को दर्शाया गया है जहां-जहां से सीवन बहती है और इसी पोस्टर में सीवन-पार्वती संगम धाम को भी बतलाया गया है इस पोस्टर के माध्यम से आसानी से कोई भी यात्री पैदल या वाहन से अपनी सीवन परिक्रमा कर सकता है संत श्री श्री 1008 हरिराम दास महाराज जी ने उद्बोधन में कहां है कि जिस तरह से तपती गर्मी में सीवन पुत्र,सीवन पुत्री सीवन योद्धाओं ने और छोटे सीवन पुत्र छोटे सीवन पुत्री ने काम करके दिखाया है वह अपने आप में अकल्पनीय है सोच से परे है विगत दो महीना में से सीवन के प्रति एक जन आंदोलन खड़ा हुआ और आज सीवन को दिशा मिल रही है वह सीवन जिसकी कल्पना सभी ने की है वह कल्पना साकार होती नजर आ रही है,इस अभियान की चर्चा पूरे भारत में है और उन्होंने यह भी बताया कि 25 या 30 साल के बाद मानव जीवन पर संकट आएगा यदि हमने नदियों को नहीं बचाया या पेड़ पौधों को नहीं लगाया तो उन्होंने सभी से निवेदन किया कि अपने जन्मदिन के अवसर पर पौधरोपण जरूर करें उन्होंने सीवन पुत्रों को निर्देश भी दिया की नदियों के किनारे पेड़ों को लगवाए सभी सीवन पुत्रों ने इस निर्देश का पालन करने हेतु अपनी समय सहमति दी

सीवन पुत्र प्रदीप चावड़ा ने यह भी बताया है कि जो भी यात्री सीवन की परिक्रमा को पूर्ण करके लौटेंगे उन सभी का स्वागत सीवन पुत्र की टीम करेगी, यह भी कहा कि 2026 मां सीवन के लिए मील का पत्थर साबित होगी और जो कल्पना सीवन को लेकर हमने की है उसे साकार करने में पुरी की जान लगा देंगे ।


सीवन पुत्र वैभव राठौर एवं प्रकाश यादव ने मां सिवन के नाम पेड़ों को लगाए का नारा दिया ।

इसी अवसर पर सभी सीवन योद्धाओं का फूल मालाओं से एवं दुपट्टों से सम्मान किया गया व इनके जज्बे के लिए इनकी मां के प्रति सेवा के लिए तालियां भी बजायी ।

इस अवसर पर सीवन पुत्र मुकेश राय, सुरेश भगत,अशोक नामदेव,कैलाश चव्हाण, राजकुमार सोनी, कनीराम मालवीय प्रकाश यादव, वैभव राठौर, जगदीश वर्मा, सचिन प्रजापति वैभव चौहान, कमल नाविक,राधेश्याम जावरिया, विल्सन जैन नितेश जायसवाल,शुभम केवट, अनिल गौतम, दीपक बाथम श्यामलाल, अनिल मेवाड़ा सचिन तिवारी सुलभ चौहान आदि उपस्थित रहे ।


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