सीहोर। शिक्षकों पर शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीइटी) को अनिवार्य किए जाने के विरोध में अध्यापक संयुक्त मोर्चा, जिला सीहोर (मध्यप्रदेश) की एक महत्वपूर्ण बैठक आज आवासीय विद्यालय परिसर, भोपाल नाका, सीहोर में संपन्न हुई। बैठक में जिले के विभिन्न शिक्षक संगठनों के पदाधिकारी एवं शिक्षक साथी उपस्थित रहे।बैठक में शिक्षकों की एक सूत्रीय मांग टीइटी परीक्षा का विरोध विषय पर विस्तृत चर्चा की गई। वक्ताओं ने कहा कि वर्षों से सेवा दे रहे शिक्षकों के लिए इस प्रकार की परीक्षा अनिवार्य करना न्यायसंगत नहीं है। इससे शिक्षकों में असंतोष का माहौल है और सभी शिक्षक इस निर्णय के खिलाफ एकजुट होकर अपनी आवाज बुलंद कर रहे हैं।
बैठक के दौरान आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाने की रणनीति भी तय की गई। इसके तहत 8 अप्रैल को जिला स्तरीय आंदोलन, 11 अप्रैल को ब्लॉक स्तरीय आंदोलन तथा 18 अप्रैल को प्रदेश स्तरीय महा आंदोलन आयोजित किए जाने का निर्णय लिया गया। इन आंदोलनों के माध्यम से शासन और प्रशासन तक शिक्षकों की मांगों को मजबूती से पहुंचाया जाएगा।
बैठक में उपस्थित वक्ताओं ने कहा कि शिक्षक समाज हमेशा शिक्षा और समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहा है, इसलिए शिक्षकों की समस्याओं का समाधान संवेदनशीलता के साथ किया जाना चाहिए। उन्होंने सभी शिक्षक साथियों से अपील की कि आगामी आंदोलनों में अधिक से अधिक संख्या में भाग लेकर अपनी एकजुटता का परिचय दें और आंदोलन को सफल बनाएं।
अंत में अध्यापक संयुक्त मोर्चा के पदाधिकारियों ने बैठक में उपस्थित सभी शिक्षक साथियों का आभार व्यक्त किया और कहा कि शिक्षकों की एकता और सहभागिता ही इस आंदोलन की सबसे बड़ी ताकत है। अध्यापक संयुक्त मोर्चा के जिला संयोजक संजय सक्सेना, विश्वजीत त्यागी, सतीश त्यागी, राजेंद्र सिसोदिया, शिवनारायण गौर, सवाई सिंह परिहार, मुकेश कुशवाह,प्रदीप नागिया, चंदर सिंह ठाकुर, इन्दर सिंह ठाकुर, राजेश राठौर, हेमन्त मालवीय, महेश मालवीय,लक्ष्मण सिंह मालवीय, घनश्याम सिंह कुशवाह, मुबारिक खान,धर्मेन्द्र कुमार मालवीय कालीचरण वर्मा, जितेन्द्र कलमोदिया, राजेंद्र परमार,यशपाल राठौर,चंद्रप्रकाश शर्मा,किरण कसौटिया, अभिलाषा बैरागी आदि मौजूद थे।

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