सीहोर, 05 अप्रैल, 2026 वेटरनरी विभाग द्वारा जिले के ग्राम नीमटोन में पशुओं को खुरपका-मुंहपका (एफएमडी) रोग से सुरक्षित रखने के लिए पशुओं का एफएमडी टीकाकरण किया गया तथा रोग की निगरानी के उद्देश्य से प्री-वैक्सीनेशन सैंपल भी एकत्रित किए गए। विभागीय टीम ने पशुपालकों को पशुओं के स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने और समय-समय पर टीकाकरण कराने की सलाह दी।
क्या है खुरपका-मुंहपका (एफएमडी) रोग
खुरपका-मुंहपका (एफएमडी) एक अत्यंत संक्रामक वायरल रोग है, जो गाय, भैंस, बकरी एवं अन्य खुर वाले पशुओं को प्रभावित करता है। इस रोग से पशुओं में बुखार, मुंह में छाले, खुरों में घाव तथा दूध उत्पादन में कमी जैसी समस्याएं होती हैं। एफएमडी वैक्सीनेशन इस रोग से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय है, जिससे पशुओं की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है और संक्रमण फैलने का खतरा कम होता है। नियमित टीकाकरण से पशुपालकों को आर्थिक नुकसान से भी बचाया जा सकता है।
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