सीहोर, 02 मार्च, 2026 कलेक्टर श्री बालागुरू के. के निर्देशानुसार जिले में जनगणना-2027 के प्रथम चरण के अंतर्गत अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा घर-घर जाकर मकान सूचीकरण का कार्य किया जा रहा है। हालांकि प्रथम चरण 01 मई से प्रारंभ होगा, जो 30 मई 2026 तक चलेगा, पर प्रथम चरण का कार्य अभी से ही प्रारंभ कर दिया है, ताकि कार्य को समय से पहले ही पूर्ण किया जा सके। प्रथम चरण में मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना का कार्य किया जाएगा। द्वितीय चरण फरवरी 2027 में संपन्न होना प्रस्तावित है। इस बार जनगणना पूरी तरह डिजिटल माध्यम से की जाएगी, जो भारत की पहली डिजिटल जनगणना होगी। आंकड़ों का संकलन मोबाइल एप के माध्यम से किया जाएगा। साथ ही नागरिकों को स्वयं अपना डेटा भरने की सुविधा देने के लिए स्व-गणना वेब पोर्टल विकसित किया जा रहा है।
नागरिक खुद भर सकेंगे स्व-गणना पोर्टल पर जानकारी
जनगणना 2027 में खास बात यह है कि जनगणना की पूरी प्रक्रिया डिजिटल होगी। जन गणना प्रक्रिया में नागरिक स्वयं स्व-गणना पोर्टल पर अपनी जानकारी भर सकते हैं। जनगणना के दौरान गणक के घर आने पर उन्हें यह जानकारी देनी होगी तब इस जानकारी को डिजिटल संकलित करेंगे। नागरिक 16 अप्रैल से 30 अप्रैल तक स्वयं जानकारी स्व-गणना पोर्टल पर भर सकेंगे।
जनगणना में ली जाएगी यह जानकारी
जनगणना अधिकारियों द्वारा मकान सूचीकरण के दौरान नागरिकों से 33 महत्वपूर्ण बिंदुओं पर जानकारी एकत्र की जाएगी। जनगणना अधिकारियों द्वारा मकान सूचीकरण के दौरान भवन नंबर, जनगणना मकान नंबर, मकान की दीवार, छत और फर्श में प्रयुक्त सामग्री, मकान का उपयोग और स्थिति की जानकारी ली जाएगी। इसके साथ ही परिवार, परिवार में रहने वाले सदस्यों की संख्या, परिवार के मुखिया का नाम, लिंग, सामाजिक वर्ग (अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति या अन्य) से संबंधित विवरण दर्ज किया जाएगा।
जनगणना के दौरान पेयजल का मुख्य स्रोत, प्रकाश का स्रोत, शौचालय की उपलब्धता और उसका प्रकार, गंदे पानी की निकासी, रसोईघर एवं उसमें प्रयुक्त ईंधन की जानकारी भी ली जाएगी। इसके अलावा घर में स्नानघर, एलपीजी/पीएनजी कनेक्शन, टेलीविजन, रेडियो, इंटरनेट सुविधा, कंप्यूटर, मोबाइल / स्मार्टफोन, साइकिल, स्कूटर, मोटर साइकिल, मोपेड, कार, जीप या वैन जैसी सुविधाओं और वाहनों की जानकारी भी शामिल है। परिवार द्वारा उपयोग किए जाने वाले मुख्य खाद्यान्न, परिवार में रहने वाले विवाहित दंपत्तियों की संख्या, परिवार के मुखिया का व्यवसाय तथा मकान के स्वामित्व की स्थिति से जुड़ी जानकारी भी जनगणना में दर्ज की जाएगी।
गोपनीय रहेगी व्यक्तिगत जानकारी
राजपत्र में स्पष्ट किया गया है कि जनगणना अधिनियम 1948 के तहत एकत्र की गई सभी व्यक्तिगत जानकारियां पूरी तरह गोपनीय रहेंगी और किसी भी न्यायालय, जांच या अन्य प्रयोजन के लिए साक्ष्य के रूप में उपयोग नहीं की जा सकेंगी।
डिजिटल माध्यम से होगा डेटा संग्रह
जनगणना 2027 में यह समस्त जानकारी डिजिटल माध्यम से मोबाइल एप और पोर्टल के जरिए एकत्र की जाएगी। नागरिकों से अपील की गई है कि वे जनगणना अधिकारियों को सही और पूर्ण जानकारी प्रदान करें, ताकि जनगणना का कार्य सफलतापूर्वक संपन्न हो सके।
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