ग्राम राम खेड़ी में गेहूं की फसल में लगी अचानक भीषण आगजनी से 15 एकड़ की गेहूं की फसल जलकर हुई खाक दुखी किसान परेशान किसानों ने सरकार से लगे राहत राशि एवं बीमा राशि देने की मांग किसान व समाजसेवी एमएस मेवाड़ा को ग्राम राम खेड़ी के किसानों ने बताया कि हमारे लगभग की गेहूं की फसल में आगजनी से नष्ट हो गई जलकर खाक हो गई जिनमें किसान कुबेर सिंह मेवाडा 3:30 एकड़ भूमि एवं किसान दिलीप सिंह 3:30 एकड़ भूमि एवं गोपाल सिंह में बड़ा किसान दो एकड़ भूमि धर्मेंद्र किसान की एक एकड़ भूमि किसान अरविंद मेवाड़ा 1 एकड़ भूमि किसान बाबूलाल की दो एकड़ भूमि ऐसे लोग किसानों के लगभग 15 एकड़ भूमि की भूमि में गेहूं की फसल खड़ी थी जिसमें अचानक अज्ञात कारण से आग लगने से गेहूं की फसल पूरी जलकर नष्ट हो गई इस मौके पर सभी किसानों ने दूरभाष पर कृषि अधिकारी श्री देवड़ा जी से चर्चा की तो श्री देवड़ा जी ने किसान व समाजसेवी एमएस मेवाड़ा को बताया कि की गेहूं की फसल में अचानक आग लगने से इन किसानों को बीमा राशि देने का नियम नहीं है आप तहसील जाइए तहसील से राहत राशि मिलेगी इस बात को दुखी होकर के किसानों ने खेत में जली हुई फसल में प्रदर्शन का नारे लगाते हुए देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से एवं क्षेत्र के सांसद व केंद्र कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान से मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव जी से मांग करिए कि हम किसानों की गेहूं की फसल में अज्ञात कारण से यदि आग लगती है तो राहत राशि तो मिल जाती है लेकिन हम किसानों की बीमा राशि क्यों नहीं मिलती जबकि हर फसल का बीमा बैंक ऑटोमेटिक काट लेती है लेकिन आग लगने के बीमा नहीं मिलता है तो किसानों ने मांग की है कि आग लगने का भी नियम कानून बनाया जाए और उसका भी बीमा राशि मिलना चाहिए राहत राशि तो तहसील से मिलती है लेकिन वह भी ऊंट के मुंह में जरा मिलती है ₹32000 हेक्टर किसानों को राहत राशि तहसील से मिलती है जबकि एक हेक्टर में किस का लगभग डेढ़ लाख रुपए की फसल निकलती है मां के चलो एक एकड़ में से 30 कुंतल गेहूं निकालता है तो ₹70000 का बनता है जिसकी राहत राशि मंत्र किस को 12 हजार रुपए प्रति एकड़ के हिसाब से मिलती है जबकि प्रति एकड़ में नुकसान किस का ₹70000 हो जाता है इस मौके पर किसानों ने सरकार सेवा केंद्र सरकार से मांग करिए किसी और जिले में इस वर्ष धड़कनों गांव में आप जानी से गेहूं की फसल नष्ट हो गई है जिसको किसानों को राहत राशि तो मिलेगी लेकिन बीमा मिलने की उम्मीद बिल्कुल नहीं है इस बात को दुखी होकर किसानों ने खेत में जोरदार नारे लगाकर प्रदर्शन कर क्या हम किसानों के आप जाने की फसल का बीमा राशि भी दिलाया जाए इस मौके पर किसान व समाजसेवी एमएस मेवाड़ा ने सरकार से मांग की है कि सही जगह यह सुनने को मिलता है कि विद्युत लाइट से फाल्ट होने से लाइन के तार झूलने से ट्रांसफार्मर में दाल बेचने से फास्ट होने से किसानों की फसलों में आग लग जाती है लेकिन आप यानी जो बिजली से आग लगती है उसकी राहत राशि नहीं मिलती है तो किसानों ने यह भी मांग की सरकार से कैरियर विद्युत मंडल के लापरवाही तार के कारण यदि आग लगती है तो उसकी भी किसानों को तहसील से आरबीसी 6 एवं 4 के अंतर्गत राहत राशि दिलाए मिलना चाहिए यदि किसान को यह भी कहना है कि उसकी फसलों में अचानक आग लगती है आज जाने की बीमा राशि नहीं मिलता है तो बीमा राशि भी ना कटे यदि हमारी बीमा राशि काटी जा रही है तो प्रकृति प्रकोप आंधी तूफान और वर्षा से तो रात राशि मिलती है बीमा मिलता है लेकिन बीमा राशि किसानों की अचानक आग लगने के आगजनी के बीमा राशि किसानों को नहीं मिलती है जो किसानों की मांग है कि यह कानून केंद्र सरकार को बीमा कंपनी को बनाना चाहिए कि आप जाने की फसल का भी बीमा किसानों को मिलना चाहिए

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