सीहोर। गुरुवार को जिला मुख्यालय के समीपस्थ करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का प्रतीक कुबेरेश्वरधाम में नर्मदा परिक्रमा करने वाले साधु-संतों का विठलेश सेवा समिति ने स्वागत किया। इस मौके पर सतुआ बाबा पीठ के महामंडलेश्वर जगतगुरु सतुआ बाबा संतोष दास महाराज, अपनी आध्यात्मिक यात्राओं के साथ-साथ नर्मदा परिक्रमा के लिए भी जाने जाते हैं। उन्होंने नर्मदा मैया के प्रति अपनी गहरी आस्था के कारण यह पवित्र परिक्रमा की है।
धाम पर विठलेश सेवा समिति की ओर से पंडित विनय मिश्रा और मनोज दीक्षित मामा सहित अन्य ने यहां पर आए नर्मदा परिक्रमावासियों का स्वागत किया। इस मौके पर सतुआ बाबा पीठ के महामंडलेश्वर जगतगुरु सतुआ बाबा संतोष दास महाराज ने कहाकि हमारे अंतर्राष्ट्रीय कथा वाचक पंडित प्रदीप मिश्रा के मार्गदर्शन में रुद्राक्ष महोत्सव का आयोजन भव्य और दिव्य रूप से किया गया है। उन्होंने मंदिर समिति के पदाधिकारियों के साथ यहां पर श्रद्धालुओं के लिए चलाई जा रही भोजनशाला के अलावा बाबा के दर्शन किए।
जगतगुरु सतुआ बाबा हजारों श्रद्धालुओं की आस्था का केन्द्र है सतुआ बाबा के आश्रम और नर्मदा तट के आश्रमों से कभी कोई भूखा नहीं जाता। वे गौ सेवा और अन्नदान को नर्मदा मैया की सबसे बड़ी सेवा मानते हैं। उनका उद्देश्य नर्मदा नदी का संरक्षण, संवर्धन और परिक्रमा वासियों को सात्विक भोजन उपलब्ध कराना है। वे नंगे पैर चलकर भी परिक्रमा का अनुभव ले चुके हैं और किसानों के साथ बैठकर गौ सेवा करते हैं। सतुआ बाबा के अनुसार, नर्मदा की परिक्रमा न केवल एक यात्रा है, बल्कि यह तपस्या, त्याग और आत्मा को शुद्ध करने वाली एक दिव्य प्रक्रिया है। वे अपनी परिक्रमा के दौरान नर्मदा को निर्मल और प्रदूषण मुक्त रखने का संदेश भी देते हैं।

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