मंदिर जाओ तो ठाकुरजी की छबि को नेत्रों से लेकर हदृय में बसा लो- प्रज्ञा विष्णू प्रिया सुदामा चरित्र के साथ सिंधी कॉलोनी मैदान पर आयोजित हो रही श्रीमद भागवत कथा का हुआ समापन


सीहोर। ठाकुर जी को जब सीता मैया ने पहली बार देखा था तो मैया ने देख कर के नेत्र बंद कर लिए थे क्योकीं राम जी की छवि मैया के हृदय में उतर जाए और यह ऐसा फोटो खिच जाता है जो कभी डिलीट नहीं होता है। ठाकुर जी के पूरे श्रृंगार का दर्शन करो ठाकुर जी के हाथ में कैसी बंसी है कैसा मुकुट है सब ध्यान में लेकर के आओ तब तक नेत्र बंद मत करो जबतक की हृदय में पूरी छबि नहीं बैठ जाए। उक्त उद्गार शनिवार को भागवत कथा व्यास सुश्री प्रज्ञा विष्णू प्रिया ने श्रद्धालुओं के समक्ष व्यक्त किए।


शिव शक्ति सांस्कृतिक मंडल के द्वारा सिंधी कॉलोनी मैदान पर आयोजित सात दिवसीय श्रीमद भागवत कथा के सातवे दिन शनिवार को सुदामा श्रीकृष्ण मित्रता प्रसंग सुनाते हुए उन्होने कहा कि माता रूकमणी सहित ठाकुरजी की सोलह हजार एक सौ आठ पत्नियां है। सब सुखशांति से रहती है किन्तु संसारिक पति पत्नि हमेशा छोटी बातो पर झगड़ते है। बिना सत्संग प्रभु कृपा के रहने से रिश्ते भी टूट जाते है। रुक्मणी जी ठाकुर जी पर मौहित है। शिशुपाल ठाकुरजी को पंसद नहीं करता है। ठाकुरजी सौ बार क्षमा करते है। अंत में ठाकुरजी शिशुपाल का उद्धार कर देते है। मंदिर जाओ तो ठाकुरजी की छबि को मोबाईल में नहीं नेत्रों से लेकर हदृय में बसा लेना चाहिए क्योंकी मोबाईल का फोटो डिलीट भी हो सकता है किंतु हदृय में बसे ठाकुरजी मलमंदिर को शीतलता देते है। ठाकुर जी को जब सीता मैया ने पहली बार देखा था तो मैया ने देख करके नेत्र बंद कर लिए थे क्यों राम जी की छवि मैया के हृदय में उतर जाए और यह ऐसा फोटो खींच जाता है जो कभी डिलीट नहीं हो सकता है।


ठाकुर जी के पूरे श्रृंगार का दर्शन करो ठाकुर जी के कैसी बंसी हाथ में है कैसा मुकुट है सब ध्यान में लेकर के आओ तब तक नेत्र बंद मत करो जबतक की हृदय में पूरी छबि नहीं बैठ जाए। हनुमान जी महाराज ठाकुर जी के सबसे बड़े भक्त है। हनुमान जी अजर अमर है। हनुमान जी ठाकुरजी की हर लीला में शामिल होते है। राम जी को एक क्षण के लिए भी हनुमान जी नहीं छोड़ते है। राम जी के सारे काम हनुमानजी करते है। ठाकुर जी सेवा हमें हनुमानजी की तरह करना चाहिए। शिव शक्ति सांस्कृतिक मंडल अध्यक्ष मनोज शर्मा, संयोजक शंकरलाल शर्मा, महिला मंडल अध्यक्ष प्रीति सोनी, ममता शर्मा सहित सभी सदस्यों ने गीताजी ग्रंथ की विधिवत पूजा अर्चना की और आरती प्रसाद वितरण के उपरांत कथा का मंगलमय समापन समारोह 


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