सीहोर। जिले के बरखेड़ी क्षेत्र में वर्षों से चली आ रही बिजली कटौती की समस्या अब इतिहास बनने की ओर है। किसानों की आवाज़, समाजसेवी एम.एस. मेवाड़ा के सतत प्रयास और विद्युत विभाग की सकारात्मक पहल से ग्रामीण अंचल को स्थायी राहत मिली है। बिलकिसगंज विद्युत वितरण केंद्र अंतर्गत बरखेड़ी सब-स्टेशन पर आपूर्ति सुधार के लिए दो डीसीबी विद्युत मंडल और फाइटर स्थापित कर पूरे क्षेत्र को दो भागों में विभाजित किया गया है, जिससे बार-बार होने वाली ट्रिपिंग और अघोषित कटौती पर प्रभावी नियंत्रण संभव हुआ है।
पूर्व में बरखेड़ी डीएलएफ से 25 गांवों को एक ही फीडर से विद्युत आपूर्ति होने के कारण ओवरलोडिंग की गंभीर समस्या थी। ग्रामीणों की मांग पर बिजली कंपनी की महाप्रबंधक श्रीमती पूनम तुमराम के निर्देशानुसार इस फीडर को दो हिस्सों में बांटा गया। अब बरखेड़ी डीएलएफ से बरखेड़ी, आलमपुरा और बिजलोन गांवों को, जबकि चंदेरी डीएलएफ से पिपलिया मीरा, चंदेरी, शेरपुर और तकीपुर गांवों को विद्युत आपूर्ति दी जा रही है। इस तकनीकी सुधार से ग्रामीण जीवन में स्थिरता आई है और खेत-खलिहान, घर-आंगन रोशनी से जगमगाने लगे हैं।
इस ऐतिहासिक सुधार के लिए किसानों ने समाजसेवी एम.एस. मेवाड़ा के नेतृत्व में विद्युत विभाग के अधिकारियों का भव्य सम्मान किया। समारोह में महाप्रबंधक श्रीमती पूनम तुमराम, प्रबंधक शरद पाठक, सहायक प्रबंधक चंद्रशेखर एवं सहायक प्रबंधक सुश्री पूजा मुजालदा का पुष्पगुच्छ, साफा, फूल मालाओं से स्वागत किया गया। ग्रामीणों ने परंपरागत लकड़ी का हल भेंट कर आभार जताया,जो किसान और बिजली व्यवस्था के मजबूत रिश्ते का प्रतीक बना। इस मौके पर किसान मोतीलाल मेवाड़ा, रमेश चंद्र वर्मा, गोपाल सिंह मेवाडा, शेर सिंह, प्रभु लाल, करण सिंह, भगवान सिंह, बहादुर सिंह, प्रहलाद सिंह, नारायण सिंह, ज्ञान सिंह, देवी प्रसाद, जसवंत सिंह, शंकर लाल, श्यामलाल, गोरेलाल, रतन सिंह, फूल सिंह, मांगीलाल, भगवत, नरेश मेवाडा, राजू मेवाड़ा सहित अनेक ग्रामीण मौजूद थे। इस अवसर पर एम.एस. मेवाड़ा ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, ऊर्जा मंत्री, भोपाल स्थित विद्युत मंडल के वरिष्ठ अधिकारियों एवं समस्त कर्मचारियों का हृदय से धन्यवाद किया। चंदेरी, भगवानपुरा, पिपलिया मीरा, बरखेड़ी, भोजनगर, तकीपुर, बिजलोन, आलमपुरा सहित दर्जनों गांवों के किसानों ने एक स्वर में कहा कि अब बिजली नहीं, उम्मीदें जगेंगी।

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