राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत सीहोर जिला घोषित हुआ क्लब फुट मुक्त जिला मिशन संचालक ने स्वास्थ्य विभाग की टीम को प्रेषित किया प्रशंसा पत्र कलेक्टर ने स्वास्थ्य विभाग की टीम को दी बधाई

सीहोर, 07 नवंबर 2025  राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत सीहोर जिले को क्लब फुट मुक्त जिला घोषित किया गया है। मिशन संचालक डॉ. सलोनी सिडाना द्वारा इस उपलब्ध‍ि के लिए सीहोर जिले के स्वास्थ्य विभाग की टीम को प्रशंसा पत्र प्रेषित किया गया है। कलेक्टर श्री बालागुरू के. ने भी इस उपलब्धि पर स्वास्थ्य विभाग की टीम को हार्दिक बधाई दी है।

   सीएमएचओ डॉ. सुधीर डेहरिया ने बताया कि प्राप्त प्रशंसा पत्र में क्लब फुट जैसी जन्मजात समस्या के समय पर उपचार, जनजागरूकता कार्यक्रमों के संचालन, शीघ्र पहचान तथा सतत निगरानी के लिए सीहोर जिले की स्वास्थ्य टीम की सराहना की गई है। उन्होंने बताया कि यह उपलब्धि जिला प्रशासन और स्वास्थ्य अमले के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है।

  उल्लेखनीय है कि ‘क्लब फुट’ एक जन्मजात विकार है, जिसमें नवजात शिशु के पैर का आकार या दिशा सामान्य नहीं रहती। पैर अंदर की ओर मुड़े हुए दिखाई देते हैं, जिससे बच्चे को चलने में कठिनाई होती है। यदि समय रहते इसका उपचार न किया जाए तो यह बच्चे के जीवनभर की दिव्यांगता का कारण बन सकता है।

 क्लब फुट का प्रबंधन (Management) आमतौर पर पोंसेटी पद्धति (Ponseti Method) से किया जाता है, जिसमें पैर को धीरे-धीरे सामान्य स्थिति में लाने के लिए कास्टिंग (Plastering), टेनोटोमी (छोटी सर्जरी) और ब्रैसिंग की प्रक्रिया अपनाई जाती है। गंभीर मामलों में सर्जरी की आवश्यकता होती है। प्रारंभिक अवस्था में उपचार शुरू करने से बच्चे के पैर पूर्ण रूप से सामान्य हो सकते हैं।

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