सीहोर के युवा कवियों को मिला ''साहित्य श्री'' सम्मान


सीहोर। साहित्य और कला को समर्पित संस्था रू-ब-रू फ ाऊडेंशन लखनऊ के तत्वाधान में कहकशां-ए-अदब के बैनर तले म.प्र. साहित्य साधना मंच के सहयोग से भोपाल मे स्थित सिकंदरी सराय में जनाब वरिष्ठ शायर सरबत जैदी की सरपरस्ती एवं प्रसिद्व शायर काजी मलिक नवेद की अध्यक्षता में कौमी एकता अखिल भारतीय कवि सम्मेलन एवं मुशायरा दिपावली पर्व पर सम्पन हुआ।  

साहित्य साधना मंच सीहोर के संस्थापक सुरेश जायसवाल ने बताया कि इस भव्य एवं अखिल भारतीय मुशायरा एवं कवि सम्मेलन मे देश के ख्याती प्राप्त शायर एवं कवियों ने इस कार्र्यक्रम में शिरकत कर देर रात तक अपनी गज़़लों एवं गीतों से शमां बांध कर वाहवही लूटी। कार्यक्रम मे राष्ट्रीय अध्यक्ष वृन्दावन राय सरल सागर, प्रदेश अध्यक्ष अशोक व्यग्र के मार्गदर्शन एवं जिला अध्यक्ष डॉ.अनीस खॉन के नेतृत्व में सीहोर के कवियों ने प्रतिनिधित्व कर जबरदस्त रजनाऐं सुनाकर उपस्थित जन समूदाय को मंत्रमुग्ध किया उक्त कार्यक्रम में वरिष्ठ कवि कमलेश शर्मा कमल, वरिष्ठ व्यंग्कार सुंदरलाल जायसवाल, वरिष्ठ गीतकार सुरेश अजनबी सहित युवा कवि डॉ.अखिलेश हठीला, संदीप मेवाड़ा, राहुल ठाकुर, जाबेद आष्ठवी आष्टा ने प्रस्तुति देकर कार्यक्रम को ऊचंाई पर पंहुचाया रचनाओं से मंत्रमुग्ध होकर रू-ब-रू फ ाऊडेंशन के संस्थापक अध्यक्ष इरशाद राही ने युवा कवि संदीप मेवाड़ा, डॉ.अखिलेश हठीला, राहुल ठाकुर को साहित्य श्री सम्मान से सम्मानित कर मेडल तथा प्रशस्ति पत्र प्रदान किया। इसी अवसर पर साहित्य साधना मंच की ओर से कार्यक्रम संयोजक शायर सलमान हैदर सलमान को सम्मानित कर सम्मान पत्र भेट किया।

साहित्य के क्षेत्र मे सीहोर की माटी मे एक से बढक़र एक कवि एवं शायर प्रदान किए, जिन्होने समय-समय पर सीहोर को गौरवान्वित किया। इस कौमी एकता का अखिल भारतीय मुशायरा एवं कवि सम्मेलन के अवसर पर डॉ.अनीस खॉन ने अपनी नज़्म सुनाते हुए इंसानियत अभी जिंदा है सुनाकर श्रोताओं के दिल को छू लिया। शायर जाबेद आष्टिवी ने कानून लिखे है किताबों मे बहुत मगर ज़मीर का फ ैसला बड़ा होता है अशोक व्यग्र ने बेटी पर मार्मिक रचना धरती का कोना-कोना हर बेटी का सपना है सुनाकर महौल को सुंदर बनाया। सुरेश जायसवाल ने अपनी गज़़ल क्यू ढूंढते हो गीता और कुरान मे, इंसानियत मिलती है आदमी और इंसान में, कंाटों मे भी गुल खिलते है मादरे वतन् मे ईद और दिवाली मनाते है संग अपने हिंदुस्तान में, युवा कवि संदीप मेवाड़ा ने बहुत सुंदर और मार्मिक गीत सुनाकर ''साहित्य श्रीÓÓ सम्मान से सम्मानित हुए


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