नशा मुक्ति केन्द्र में नशा नहीं करने का संकल्प दिलाया नशा शरीर और दिमाग दोनों को भारी नुकसान पहुंचाता-मनोज दीक्षित मामा


सीहोर। स्वस्थ रहने के लिए नशा छोड़ना ज़रूरी है क्योंकि नशा शरीर और दिमाग दोनों को भारी नुकसान पहुंचाता है, जिससे रक्तचाप, हृदय रोग और शुगर जैसी बीमारियाँ हो सकती हैं, और नशा छोड़ने से इन समस्याओं में सुधार होता है। नशा छोड़ने के बाद व्यक्ति शारीरिक और मानसिक रूप से ज़्यादा स्वस्थ होता है, और वह अपनी ऊर्जा को रचनात्मक कामों में लगा पाता है, जिससे जीवन में सकारात्मकता आती है। उक्त बात शहर के सैकड़ाखेड़ी स्थित संकल्प नशा मुक्ति केन्द्र के सहयोग से सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण के तत्वाधान में महात्मा गांधी की जयंती के अवसर पर मद्य निषेध सप्ताह के अंतर्गत अभियान के दौरान शनिवार को तीसरे दिन मनोज दीक्षित मामा ने कही।

उन्होंने बताया कि श्रद्धा भक्ति सेवा समिति के सहयोग से मद्य निषेध सप्ताह का आयोजन केन्द्र के संचालक राहुल सिंह के निर्देश पर किया जा रहा है। शनिवार को बड़ी संख्या में युवाओं को नशा नहीं करने का संकल्प दिलाया गया। श्री दीक्षित ने कहाकि नशा छोड़ने से रक्तचाप, हृदय रोग और शुगर जैसी पुरानी बीमारियों में सुधार होता है। शरीर पोषक तत्वों को बेहतर ढंग से अवशोषित कर पाता है, जिससे समग्र स्वास्थ्य बेहतर होता है।

वहीं संस्कार मंच के जिला उपाध्यक्ष धर्मेन्द्र माहेश्वरी ने बताया कि स्वस्थ्य रहने के लिए नशा मुक्त होना बहुत जरूरी है। धूम्रपान गंभीर बीमारियों की जड़ है। अत इससे सभी को बचना चाहिए। नशा चाहे शराब का हो या तम्बाकू, गुटका, सिगरेट, बीडी या फिर गांजा, स्मैक का ही क्यों न है, सभी मानव के जीवन के लिए घातक हैं। उन्होंने बताया कि सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण के उपसंचालक महेश यादव के मार्गदर्शन में किया जा रहा है। इसका समापन आठ अक्टूबर को किया जाएगा। 


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