सीहोर, 05 अगस्त, 2024-25 कृषि वैज्ञानीक के अनुसार खरीफ फसल सोयाबीन, उड़द, अहर, मक्का, बाजरा, तिल आदि फसलों में खरपतवार नियंत्रण व कीट नियंत्रण तकनीक को अपनायें। सोयाबीन की फसल में पती काटने वाले कीट भृंग्, मक्का में इल्ली आदि का प्रकोप देखा जा रहा है। समन्वित कीट नियंत्रण के अंतर्गत प्रकाश प्रपंच फेलोमेन ट्रैप, टी-आकर की खूंटी कि अनुसित एवं रासायनिक कीटनाशक का प्रयोग करें।
सोयाबीन में कीटों का हानिकारक क्षति स्तर
कृषि वैज्ञानिक के अनुसार कीट अर्थिक क्षति स्तर (प्रति एक मीटर कतार) ब्लु बीटल 4 बीटल हरी अर्द्धकुण्डलक इल्सी 4 लावा (फूल के समय) हरी अर्द्धकुण्डलक इल्ली, 3 लार्बा (फली बनते समय) तम्बाकू की इल्ली 10 लार्बा चने की इल्ली आदि सोयाबीन फसल को क्षति पंहुचाते है कीटनाशक का प्रयोग कराना अनिवार्य है।
सोयाबीन फसल में विभित्र कीटों के लिए अनुशंसित कीटनाशक
कृषि वैज्ञानिक के अनुसार कीट कीटनाशक मात्रा प्रति हैक्टेयर ब्लू मीटल क्वीनालफॉस 25 ई.सी., 01 लीटर, तना मक्खी थायोमिधाक्जाम लेप्डा सम्पर्टलोबीन 125 मिली, क्लोरेंट्रानिलीप्रील लेम्डासापहेलोधिन 200 मिली लेम्डासायोलोचिन 4.90 सी.एस. 300 मिली सफेद मक्खी बीटासापचिन इमिडाक्लोपिड MEER 350 मिली (भारतीय सोयाबीन अनुसंधान संस्थान, इंदौर द्वारा अनुशंसित) किसी एक कीटनाशक का कीट नियंत्रण में उपयोग करें।
सोयाबीन में कीटों का जैविक नियंत्रण
कीटों के नियंत्रण के लिए टी-आकार की खूंटी 40-50 प्रति हैक्टेयर, फेरोमेन ट्रेप- 12-15 प्रति हैक्टेयर, ब्यूवेरिया बेसियाना लीटर प्रति हैक्टेयर, बेसिलस बुरूजेनेसिस । किया प्रति हैक्टेयर, एच.एन.पी.की. 250 एल.ई. प्रति हैक्टेयर, एस.एल.एन.पी.व्ही. 250 एल ई. प्रति हैक्टेयर।
सोयाबीन व उड़द को पीला मोजेक रोग से बचायें
कीटों रोग का प्रकोप दिखते ही ग्रसित पौधों को उखाड़कर तुरंत नष्ट करें। सिंथेटिक पाइराघ्राइट्स कीटनाशक का उपयोग न करें। शुरूआती अवस्था में ही थायोमियाक्जाम 25 डब्ल्यू.जी या पसिटामिडि 20 एस.पी. मात्रा 60 ग्राम एकड़ की दर से छिड़काव करें। नैनो यूरिया तरल फसलों में नैनो यूरिया की 4 मिली मात्रा लीटर से 55-60 दिन बाद व तीसरा छिड़काव फसल की आवश्यकतानुसार करें। प्रति एकड़ 125 लीटर पानी का छिड़काव करें। किरते समय खेत में पर्याप्त नमी का होना आवश्यक है। नैनो डीएपी (तरल): फसलों में नैनो डीएपी का उपयोग बीज उपकार एवं पर्णीय छिड़काव के रूप में किया जा सकता है। बीज उपचार के लिए 5 मिली नैनो डोरल्यों की मात्रा को प्रति किलो बीज की दर से उपचारित करें व उपचारित बीज को छाया में 20-25 मिनट सुधाराई करें।
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