बुजुर्गों के प्रति सम्मान और आदर की भावना का एक अद्भुत प्रयास है मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना कर रही बुजुर्गों के तीर्थ यात्रा के सपने को साकार

सीहोर, 24 अगस्त, 2025    प्रदेश सरकार द्वारा संचालित मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना आज अनेक वरिष्ठ नागरिकों के तीर्थ दर्शन के सपने को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। इस योजना के अंतर्गत मध्यप्रदेश के 60 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्गों को राज्य सरकार पवित्र तीर्थ स्थलों की यात्रा का अवसर प्रदान करती है। प्रदेश सरकार द्वारा आईआरसीटीसी के माध्यम से सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा की व्यवस्था की जाती है। जीवनभर अपने परिवार और समाज के लिए समर्पित रहने वाले इन वरिष्ठजनों के लिए यह योजना सम्मान का एक अद्भुत माध्यम बन गई है।

     सीहोर निवासी श्री मातादीन यादव भी इस योजना का लाभ प्राप्त करने वाले सौभाग्यशाली तीर्थयात्रियों में शामिल हैं। श्री मातादीन यादव ने जब मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के अंतर्गत वाराणसी-अयोध्या की तीर्थ यात्रा का अवसर पाया, तो उनकी खुशी देखते ही बनती थी। वे कहते हैं – “प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव हमारे लिए श्रवण कुमार की तरह हैं। जिस प्रकार श्रवण कुमार ने अपने माता-पिता को तीर्थों के दर्शन कराए थे, उसी प्रकार हमारे मुख्यमंत्री ने भी बेटे की तरह हमें वाराणसी अयोध्या की तीर्थ यात्रा का सौभाग्य दिलाया है।”

  उनके इन शब्दों में सिर्फ आभार ही नहीं, बल्कि एक गहरी आत्मिक संतुष्टि झलकती है। यह संतुष्टि उस स्वप्न की है जिसे बुजुर्ग वर्षों से संजोए रहते हैं – जीवन में एक बार पवित्र तीर्थ स्थलों के दर्शन करने का सपना। आर्थिक अभाव या शारीरिक असमर्थता के कारण जो सपना अक्सर अधूरा रह जाता था, वह आज सरकार की इस योजना के माध्यम से पूरा हो रहा है।

   यात्रा के दौरान श्री मातादीन यादव ने न केवल वाराणसी एवं अयोध्या के ऐतिहासिक और आध्यात्मिक महत्व को महसूस किया, बल्कि उस अद्भुत माहौल को भी आत्मसात किया जिसने उनके मन और आत्मा को शांति से भर दिया। उन्होंने बताया कि यात्रा पूरी तरह से सुविधाजनक और सुरक्षित रही क्योंकि इसका संचालन आईआरसीटीसी (रेलवे) द्वारा किया गया था। भोजन, आवास और यात्रा की सारी जिम्मेदारी सरकार ने उठाई, जिससे उन्हें केवल श्रद्धा और भक्ति में लीन रहने का अवसर मिला। मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना की सबसे बड़ी खूबी यह है कि यह केवल तीर्थयात्रा नहीं कराती, बल्कि यह बुजुर्गों को यह संदेश भी देती है कि उनका अनुभव, उनका आशीर्वाद और उनका अस्तित्व समाज के लिए कितना मूल्यवान है।

प्रदेशभर से हजारों वरिष्ठ नागरिक इस योजना का लाभ लेकर अपने जीवन के सबसे अविस्मरणीय क्षणों का अनुभव कर रहे हैं। तीर्थयात्रा से लौटने के बाद उनकी आँखों की चमक, उनके चेहरों की मुस्कान और उनके आशीर्वाद ही इस योजना की सबसे बड़ी सफलता है। वास्तव में, मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना केवल एक सरकारी पहल नहीं, बल्कि यह समाज में बुजुर्गों के सम्मान और आदर की भावना को जीवित रखने का एक अद्भुत प्रयास है। इसने यह सिद्ध कर दिया है कि जब बुजुर्ग खुश और संतुष्ट होते हैं, तो पूरा समाज सुख और समृद्धि की ओर बढ़ता है।

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