सीहोर। कादरा बाद के बालमिकी समाज में आक्रोश बना हुआ है, क्योंकी बालमिकी मोहल्ले का नाम सरकारी दस्तावेजों में ठाकुर मोहल्ला कर दिया गया है। हालात एैसे है कि बालमिकी मोहल्ले के लिए स्वीकृत होने वाले सरकारी निर्माण कार्य ठाकुर मोहल्ले में हो रहे है और बालमिकी समाज के लोग मूलभूत सुविधाओं को तरस रहे है। ग्रामीणों ने मोहल्ले का नाम बदलने की गहरी साजिश रचने का आरोप सरपंच और सचिव पर भी लगाया है। इस मामले में मंगलवार को जनसुनवाई में पहुंचकर बालमिकी समाज के ग्रामीणों ने कलेक्टर को शिकायती पत्र देकर मोहल्ले का नाम वापस बालमिकी मोहल्ला कराने की मांग है।
कलेक्ट्रेट पहुंचे ग्रामीणों ने बताया की हमारे मोहल्ले में कोई भी ठाकुुर समाज का मकान नहीं है सभी बालमिकी समाज के ग्रामवासी इस मोहल्ले में रहते है पहले मोहल्ले का नाम बालमिकी मोहल्ला ही था फिर अचानक हमारे मोहल्ले का नाम ठाकुर मोहल्ला कर दिया गया है इस की जानकारी हमें तब हुई जब हमारे नाम के पत्र असली ठाकुर मोहल्ले में पहुंचने लगे अनेक लोगों के आधार कार्ड में भी ठाकुर मोहल्ला पता छपा हुआ है जिसस कारण भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है और पंचायत एप से जानकारी मिली की बालमिकी समाज के नाम पर होने वाले सरकारी निर्माण कार्य ठाकुर मोहल्ले में किए जा रहे है और हम सड़क पानी बिजली नाली जैसी मूलभूत सूविधाओं को तरस रहे है। बालमिकी समाज के लिए सरकारी मद से स्वीकृत हुआ सामुदायिक भवन भी ठाकुर मोहल्ले मेंं बना दिया गया है।
मांग करने वालों में शिवनारायण,प्रेमा, अर्जुन सिंह,मांगीलाल, गोविंद,रमेश, रंजीत,नारान सिंह, देव सिंह,भैयालाल,नंदलाल,गोलु,रामकिशन, लखन बुलाखीलाल, किशनलाल,दुर्गाप्रसाद, राजू,अजय, देवीराम, विशाल,खेमराज,प्रेगाजी, कुदन,बद्रीप्रसाद, प्रदीप,रघुनाथ, कृपाल, भूर सिंह,घुडीलाल, जीवन,रामकिशन, जितेन्द्र शिवनारायण, अजय, मुकेश, प्रदीप, विशाल, खेमराज, कृपाल नारायण थरसिंह देवीसिंह जनगरीरा जितेंद्र रणजीत किशनलाल वरदान अमरीश नंदलाल महेश भैयालाल राजू गोविंद कृष्ण गोपाल लखनलाल राजेश गोलू देवीसिंह आदि ग्रामवासी शामिल है।

0 Comments