सीहोर। ओबीसी महासभा के जिलाध्यक्ष श्याम मीणा के नेतृत्व में सीहोर जिला कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचकर महामहीम राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, केंद्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग एवं प्रदेश के मुख्यमंत्री को सम्बोधित 17 सुत्रीय मांगों के निकराण हेतु ज्ञापन कलेक्टर को सौंपा। जिसमें मांग की गई है कि सन 2027 की सामान्य जनगणना में जातिगत जनगणना का कॉलम जोड़ा जाए। बैकलॉग भर्ती (एससी एसटी ओबीसी के लिए परमानेंट सरकारी नौकरी लगभग 70 लाख पद पर) भर्ती की जाए। मध्य प्रदेश ओबीसी के होल्ड 13 प्रतिशत पदों को अन्होल्ड करके 27 प्रतिशत लागू कर तुरंत चयनित अभ्यर्थियों कि नियुक्ति की जाए। अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के छात्रों को मेडिकल इंजीनियरिंग मैनेजमेंट सहित समस्त प्राइवेट कॉलेजों में सरकारी फीस पर एडमिशन। जातिगत भेदभाव एवं ओबीसी समाज पर दिनों दिन बढ़ रहे अन्याय अत्याचार के खिलाफ पिछड़ा वर्ग को ओबीसी अत्याचार निवारण अधिनियम (ओबीसी एट्रो सिटी एक्ट) मिले। ग्वालियर हाई कोर्ट खंडपीठ में बाबा साहब की प्रतिमा स्थापित की जाए, साथ ही देश के समस्त जिला सत्र न्यायालय एवं हाईकोर्ट में बाबा साहब की प्रतिमा स्थापित की जाए। हैदराबाद तेलंगाना में ओबीसी आरक्षण 42 प्रतिशत पंचायत चुनाव से पहले लागू किया जाए अन्यथा की स्थिति में ओबीसी महासभा पंचायत चुनाव का बहिष्कार करेगा। शासकीय नौकरी एवं शिक्षण संस्थानों में 42 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण लागू किया जाए अन्यथा कि स्थिति में ओबीसी महासभा सडक़ों पर उतरकर महा आंदोलन करेगी। थाना नौगांव पंकज प्रजापति हत्याकांड के सभी आरोपियों को गिरफ्तार किया जाए। थाना लवकुश नगर पाल समाज के सुमेरी अपहरण मामले में सभी आरोपियों को गिरफ्तार किया जाए। थाना गौरिहार के अंतर्गत नगमा पुखरी ग्राम में रामबाबू पटेल को गोली मारकर घायल करने वाले सभी आरोपियों को गिरफ्तार किया जाए। दिल्ली नगर निगम कि सभी सीटों पर ओबीसी रिजर्वेशन दिया जाए।
दिल्ली में ओबीसी सर्टिफिकेट बनाने की प्रक्रिया में बदलाव किया जाए। विषयांतर्गत लेख है कि उ. प्र. के इटावा में यादव समाज के कथावाचक पुरोहित को जिस तरह अपमानित किया गया जिसकी ओबीसी महासभा घोर निंदा करती है सर्वविदित है कि मुकुटमणि यादव एवं उनके सहयोगी साथियों को अपमानित किया महिला के पैर में नाक रगड़वायी गई इतने में भी मन नहीं भरा तो महिला के मूत्र का छिडक़ाव किया गया जो निंदा भर नहीं बल्कि घोर निंदा ओबीसी महासभा करती है और इस तरह की अपराधिक घटनाओं को रोकने कोई ठोस कदम उठाते हुए कार्यवाही किया जाना चाहिए। शासकीय आवासीय एवं खेलकूद विद्यालय सीहोर मे विद्यार्थियो को बिना आरक्षण प्रवेश दिया जाता है विद्यालय मे ओ.बी.सी. के विद्यार्थियो को शासन के नियमानुसार आरक्षण दिया जाएं। म.प्र. की केन्द्रीय विद्यालयों मे कुछ समाज म.प्र. मे ओ.बी.सी. मे आती है लेकिन केन्द्र मे जनरल मे आती है उनके बच्चों को केन्द्रीय विद्यालय म.प्र. की सूची के हिसाब मे प्रवेश दिया जाए। हर तहसील मुख्यालयो ओ.बी.सी. छात्रावास स्थापित किए जाने की मांग की गई है। ज्ञापन सौंपने वालों में प्रमुख रूप से ओबीसी महासभा के जिलाध्यक्ष श्याम मीणा, कपिल गौर, विष्णु मीणा, रोहित मीणा, राजकुमारी देवी, धर्मेन्द्र पटेल, राजाराम, संतोष, रघुवीर सिंह, नरेन्द्र परमार, राजेन्द्र सिंह आदि उपस्थित रहे।

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