सीहोर, 15 जुलाई, 2025 राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार पंच-ज योजना के तहत 15 जुलाई 2025 से 15 सितंबर 2025 तक प्रदेशव्यापी वृहद वृक्षारोपण विशेष अभियान "विधिक सेवा, प्रकृति की रक्षा" चलाया जा रहा है। प्रधान जिला न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री प्रकाश चंद्र आर्य ने जिला न्यायालय परिसर में आयोजित पौधारोपण कार्यक्रम में पौधारोपण कर जिले में अभियान के शुभारंभ किया। इस अवसर पर सभी ने पौधों का संरक्षण करने की शपथ भी ली।
इस अवसर पर प्रधान जिला न्यायाधीश श्री आर्य ने कहा कि मानव ने अपने स्वार्थ के लिए प्रकृति के संसाधनों का दुरुपयोग और दोहन किया है। पेड़ों के कटने से पृथ्वी के वातावरण में प्रदूषण का स्तर बढ़ता जा रहा है, जिससे हम प्रतिदिन नई-नई स्वास्थ्य समस्याएं और बीमारियों का सामना कर रहे है। यदि समय रहते हमने अपनी पृथ्वी के प्रदूषित होते वातावरण और पर्यावरण के लिए ठोस कदम नहीं उठाएं तो आगे चलकर भविष्य में हमें इसके और अधिक घातक परिणाम देखने को मिल सकते है। पर्यावरण के संरक्षण के लिए पौधरोपण और उनका संरक्षण अति आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि इस अभियान के अंतर्गत जिला एवं तहसीलों पर जल की उचित व्यवस्था एवं संरक्षित स्थानों पर जलवायु के अनुकूल पौधे जैसे पीपल, नीम, वट वृक्ष, इमली, बेल, कविट, आंवला, कटहल और आम आदि लगाए जाएंगे और उन्हें संरक्षित भी किया जायेगा। उन्होंने कहा कि सभी रोपित पौधों को उच्च न्यायालय के निसर्ग एप पर अपलोड किया जाएगा और एक वर्ष तक प्रत्येक तीन माह में उनकी प्रगति भी एप पर अपलोड की जाएगी।
इन्होंने भी किया पौधरोपण
कार्यक्रम में प्रधान न्यायाधीश कुटुम्ब न्यायालय श्री वैभव मंडलोई, विशेष न्यायाधीश श्री हेमंत जोशी, जिला न्यायाधीश श्री संजय गोयल, जिला न्यायाधीश श्रीमती स्मृतासिंह ठाकुर, जिला न्यायाधीश श्री एमके वर्मा, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट श्रीमती विनीता गुप्ता, न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव श्रीमती स्वप्नश्री सिंह, न्यायाधीश श्री दीपेन्द्र मालू, अन्य न्यायाधीशगण, वन मण्डलाधिकारी सुश्री अर्चना पटेल, अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष श्री राधेश्याम यादव, जिला विधिक सहायता अधिकारी श्री जीशान खान, न्यायालय अधीक्षक श्रीमती सपना शर्मा, एनजीओ के प्रतिनिधिगण, सामाजिक कार्यकर्ता, अन्य अधिवक्तागण, लीगल एड डिफेंस काउंसिल्स, अन्य कर्मचारीगण एवं पैरालीगल वालेन्टियर्स ने भी पौधरोपण किया।
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