म.प्र. राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जबलपुर के निर्देशानुसार प्रधान जिला न्यायाधीश एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सीहोर श्री प्रकाश चंद्र आर्य द्वारा दिनांक 05.04.2025 को जिला जेल सीहोर का निरीक्षण किया गया। इस अवसर पर बंदियों के लिए विधिक जागरूकता शिविर आयोजित कर दक्षता निर्माण हेतु जिला जेल हेतु प्रदेश स्तर पर एक नई पहल 'दक्षता से त्स्वावलंबन के अंतर्गत प्रशिक्षण प्राप्त बंदियो को प्रमाण-पत्र भी वितरित किये गये। कार्यक्रम मे सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्रीमती स्वप्नश्री सिंह, जिला विधिक सहायता अधिकारी श्री जीशान खान, जेल उप अधीक्षक श्रीमती ज्योति तिवारी, लीड बैंक मैनेजर श्री अरूण कुमार शर्मा, प्रशिक्षण प्रदाता टीम के सदस्यगण एवं बंदीगण उपस्थित रहें।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सीहोर द्वारा बैंक ऑफ इण्डिया लीड बैंक एवं ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान के सहयोग से बंदियों में दक्षता निर्माण हेतु जिला जेल हेतु प्रदेश स्तर पर एक नई पहल दक्षता से स्वावलंबन प्रारंभ की गई है। जिसके अंतर्गत चिन्हित बंदियों को स्वरोजगार हेतु 10 दिवसीय वोकेशनल प्रशिक्षण में उन्हें अगरबत्ती, साबुन, सर्फ एवं फिनाइल आदि निर्माण का प्रशिक्षण प्रदान किया जाकर माननीय प्रधान जिला न्यायाधीश द्वारा 26 बंदियो को प्रशिक्षण पूर्ण करने पर प्रमाण-पत्र प्रदान किये गये।
प्रधान जिला न्यायाधीश द्वारा अपने उद्बोधन में कहा गया कि महात्मा गांधी के अमृत वचन को हमें अपने जीवन में अपनाकर सदैव अपराध से घृणा करना चाहिए अपराधी नहीं। उनके द्वारा दक्षता निर्माण हेतु इस अनूठी पहल की प्रशंसा करते हुये भविष्य में भी निरंतर ऐसे कार्यक्रमों के आयोजनों की बात कही गई। उनके द्वारा बंदियो के अधिकारों, विधिक सहायता, सलाह एवं तहसील न्यायालय से लेकर माननीय सर्वोच्च न्यायालय तक विधिक सहायता की उपलब्धता तथा प्राप्त करने की प्रक्रिया भी जानकारी दी गई। उनके द्वारा प्रशिक्षण के दौरान बंदियों द्वारा बनाई गई सामग्री का अवलोकन कर गुणवत्ता की सराहना की गई।
उक्त पहल पर प्रकाश डालते हुये न्यायाधीश / सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्रीमती स्वप्नश्री सिंह द्वारा कहा गया कि, बंदियों को स्वावलंबी बनाना जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सर्वोच्च प्राथमिकता होकर बंदियो के पुर्नवास हेतु यह पहल प्रारंभकी गई है, जिससे बंदी जेल से बाहर जाने के बाद स्वरोजगार कर स्वावलंबी बन सकें एवं आर्थिक रूप से मजबूत होकर भविष्य में किसी गलत कार्य की पुनरावृत्ति न करे।
उक्त निरीक्षण में पाकशाला, जेल लीगल एड क्लीनिक, जेल डिस्पेंसरी, महिला सेल, बंदियों के बैरक, पानी एवं रोशनी की व्यवस्था, डॉक्टरों की उपलब्धता, बीमार बंदियों के उपचार सम्बंधी सुविधाओं, दवाओं की उपलब्धता आदि का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान बंदियों एवं महिला बंदियों के पोषण, भोजन, स्वास्थ्य एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं तथा उनके प्रकरणों की प्रगति के सम्बंध में विस्तार से जानकारी ली गई। उनके द्वारा बंदियों की समस्याओं को सुना गया तथा त्वरित निराकरण हेतु सम्बंधितों को निर्देशित किया गया।



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