सीहोर। सीहोर मुख्यालय के ग्राम पडिय़ाला में शिवशक्ति ग्रुप ऑफ कंपनी के तत्वाधान में जलवायु परिवर्तन का कृषि पर प्रभाव एवं जैविक कृषि विषय पर एक किसान संगोष्ठी का आयोजन किया गया । जिसमें प्रमुख रूप से वरिष्ठ कृषि अधिकारी अखिलेश मीणा ने कहा कि आज जलवायु परिवर्तन के कारण मानव जीवन एवं बतावरण तथा जीव जंतुओं की जीवन शैली पर विपरीत प्रभाव पड़ रहा है। इससे अनेक प्रकार की विसंगतियां एवं प्राकृतिक संतुलन डगमगा रहा है ।
उन्होंने कहा कि अत्याधिक वायु प्रदूषण के कारण आंखों में खुजली एवं श्वसन तंत्र संबंधित बीमारियां बढ़ रही हैं । पृथ्वी का तापमान 01 डिग्री सेंटीग्रेड बढऩे पर एक करोड़ लोगों के लिए खाद्यान्न का संकट पैदा होगा। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिकों ने पेरिस सम्मेलन में पृथ्वी का तापमान 02 डिग्री सेंटीग्रेड से अधिक न बढऩे का संकल्प लिया है। भारत में वायु प्रदूषण मौत का पांचवां बड़ा कारण है। खेतों में रसायनों के अत्याधिक प्रयोग ने ज़मीन को बंजर बना दिया। डब्ल्यू एच ओ रिपोर्ट के मुताबिक अगर ऐसा ही चलता रहा तो तो आगामी वर्षों में भारत की 85 फीसदी जनता कैंसर से पीडि़त होगी। इसलिए जैविक खेती को अपनाने की जरूरत है । क्षेत्रीय अधिकारी किशोर प्रजापति जी ने सभी का आभार प्रकट करते हुए कहा कि आने वाला कल जैविक खेती का होगा।
इस कार्यक्रम के समापन के दौरान संस्था पूर्व से जैविक खेती कर रहे कुछ किसानों को संस्था की ओर से सम्मानित किया गया साथ ही में उपस्थित किसानों ने जैविक खेती करने का वचन लिया।

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