सीहोर,14 अगस्त,2025 केन्द्रीय शिक्षा मंत्रालय ने स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के अपार (ऑटोमेटेड परमानेंट एकेडमिक अकाउंड रजिस्ट्री) आईडी तैयार करने के निर्देश दिये हैं। इसका उद्देश्य ‘वन नेशन-वन स्टूडेंट’ के रूप में पहचान देना है। इस कार्यक्रम में प्रत्येक विद्यार्थी को एक लाइफ टाइम आईडी मिलेगी। इसके आधार पर विद्यार्थी को पूर्व प्राथमिक शिक्षा से उच्च शिक्षा तक शैक्षणिक प्रगति को ट्रैक करना आसान होगा। ‘अपार’ आईडी शैक्षणिक क्रेडिट बैंक की तरह काम करेगी। इसमें एक डिजिटल स्टोर हाउस होगा, जिसमें विद्यार्थियों द्वारा उनके शैक्षणिक करियर से संबंधित जानकारी होगी।
‘अपार’ आईडी साझा करने से नये स्कूल में बच्चे के सारे दस्तावेज पहुंच जायेंगे। यदि विद्यार्थी एक राज्य से दूसरे राज्य में जाता है, तो उससे संबंधित सारा विवरण दूसरे राज्य में भी स्थानांतरित हो जायेगा। इसके लिये उसे ट्रांसफर सर्टिफिकेट की आवश्यकता नहीं होगी। ‘अपार’ आईडी छात्रों के कॅरियर को सशक्त बनायेगी। इस आईडी से ड्रॉपआउट करने वाले बच्चों पर नजर रखी जा सकेगी और उन्हें मुख्य धारा में पुन: लाया जा सकेगा। आईडी डिजिलॉकर इकोसिस्टम तक पहुंचने का प्रवेश द्वार होगा, जो छात्रों को सभी उपलब्धियों जैसे परीक्षा परिणाम, समग्र रिपोर्ट कार्ड, स्वास्थ्य कार्ड, सीखने के परिणामों के अलावा छात्रों के अन्य कौशल प्रशिक्षण जानने में भी सहायक होगा। विद्यार्थी भविष्य में अपनी उच्च शिक्षा या रोजगार के उद्देश्य के लिये क्रेडिट स्कोर का उपयोग कर सकते हैं। अपार आईडी का उपयोग नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) द्वारा आयोजित प्रवेश परीक्षा, प्रवेश छात्रवृत्ति विवरण, सरकारी लाभ का हस्तांतरण, पुरस्कार जारी करने में भी मान्य किया गया है। अपार आईडी तैयार करने के लिये विभाग ने जिला शिक्षा अधिकारियों को नोडल अधिकारी नियुक्त किया है। इसी के साथ प्रत्येक विद्यालय पर एक शिक्षक को प्रभारी नोडल अधिकारी बनाया गया है। प्रदेश में ‘अपार’ आईडी बनाने की सहमति अभिभावकों से प्राप्त करने के लिये मीटिंग भी आयोजित की जा चुकी है। इसके लिये जिला शिक्षा अधिकारियों को निश्चित समय-सीमा दी गई है।
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