मध्य प्रदेश सहकारिता समिति कर्मचारी महासंघ द्वारा कई आंदोलन किये गए आज सीहोर जिले अध्यक्ष दीपक चौधरी के साथ कर्मचारियों ने विंध्याचल भवन का घेराव किया था जहाँ उनकी सभी मांगो को सरकार और सहकारिता अधिकारियों ने मानी
लंबित समस्याओं को लेकर सहकारिता विभाग के नियंत्रण में राशन वितरित करने वाली पैक्स दुकानों के कर्मचारी आंदोलित हुए थे बुधवार 23 जुलाई को इन संस्थाओं के 55 हजार कर्मचारी राजधानी पहुंचे जहां दावा किया गया कि मंत्रालय एवं विंध्यांचल का घेराव किया इसके बाद विभागीय मंत्री को ज्ञापन दिया जिला सहकारी बैंकों में समझौते के अनुसार 60 पदों पर नियुक्ति, बढ़े हुए वेतन का लाभसहित प्राथमिक सेवा सहकारी समिति (पैक्स) संस्थाओं के कर्मचारी 23 जुलाई को राजधानी में आंदोलन किया मप्र सहकारिता समिति कर्मचारी महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष कुंवर बी एस चौहान ने बताया कि अब कर्मचारियों का मनोबल गिर रहा था इसलिए सभी की सहमति से बुधवार को मंत्रालय एवं विंध्यांचल भवन पर आंदोलन का निर्णय लिया और बड़ी संख्या में कर्मचारी भोपाल पहुंचे
प्रयासरत आरजीपीवी कर्मचारियों को बड़ी राहत मिली है राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विवि कर्मचारी श्रमिक संघ के प्रदेश महामंत्री सुधीर कुमार शर्मा ने बताया कि इन कर्मियों को सामान्य प्रशासन विभाग के आदेशानुसार विवि एवं अन्य घटक संस्थाओं में चतुर्थ श्रेणी के पदों पर नियमितीकरण करने का आश्वासन मिला है कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष मुकेश चतुर्वेदी ने सामान्य प्रशासन विभाग को पत्र लिखा था इस पत्र में उन्होंने मांग की है कि दिवंगत लिपिक कर्मचारियों के आश्रितों को जो अनुकंपा दी जा रही है। उसमें सीपीसीटी परीक्षा पास नहीं कर पाने के कारण अनुकंपाधारियों
को सेवा से निकाला जा रहा है इसलिए यह नियम समाप्त हो या फिर उसका शिथिलीकरण किया जाए
सभी कर्मचारियों के निम्नलिखित मांगें थी
1. संस्थाओं में समिति प्रबंधक के पद पर 60% संस्था कर्मचारियों का जिला बैंकों में चयन आज तक नहीं हुआ शीघ्र अतिशीघ्र कराये जाने की मांग की थी
2. बी पैक्स संस्थाओं को अक्टूबर 2023 से प्रति विक्रेता प्रतिमाह 3000 का अतिरिक्त भुगतान दिया जाना था लेकिन 31 मार्च 2025 तक शासन से राशि प्राप्त नहीं होने के कारण प्रति विक्रेता 54000 रूपया मार्च 2025 तक लंबित है अतः उक्त राशि का भुगतान शीघ्र अतिशीघ्र करवाये जाने की मांग मानी गई
3. संस्था कर्मचारियों को वेतन वृद्धि का लाभ नहीं दिया गया था जिसको शीघ्र अतिशीघ्र दिलवाये जाने की मांग थी एवं जिले की निम्नलिखित अन्य समस्याएं भी है उनको को माना गया है
4. कनिष्ठ विक्रेता की परिवीक्षा अवधि 1 वर्ष से अधिकतम 3 वर्ष होनी चाहिए भर्ती सेवा अधिनियम अनुसार कनिष्ठ विकेताओं को 4 वर्ष पूर्ण हो चुके है जिनकी परिवीक्षा अवधि हटा कर समिति में स्थाई विक्रेता का दर्जा की मांग को माना
5. संस्था कर्मचारियों के लिए P.F सुविधा लागू करवाये जाने कि मांग को माना
6 . संस्था कर्मचारियों के लिए समूह बीमा योजना लागू कराये जाने की मांग को माना गया है


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