सीहोर। जिले में खाद वितरण के लिए ई- टोकन व्यवस्था किसानों के लिए परेशानी को लेकर जिलाध्यक्ष राजीव गुजराती एवं पूर्व विधायक शैलेन्द्र पटेल के नेतृत्व में कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंच ज्ञापन सौंपा जिसमें बताया कि जिले में खाद वितरण के लिए ई- टोकन व्यवस्था किसानों के लिए परेशानी का सबब बन रही है। खाद के टोकन के लिए पहले ऑनलाइन कियोस्क पर घंटों लाइन लगाने के बाद जब टोकन हाथ आता है तो खाद वितरण केन्द्र पर अव्यवस्थाओं के चलते खाद उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। अनेकों बार सर्वर डाउन होने के कारण ओटीपी नहीं आती है जिससे किसानों की परेशानी बढ़ रही है। इन सब समस्याओं के चलते किसानों को खाद नही मिल पा रही है। ई-टोकन चालान कतारों में लगाकर किसान अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं।
ऑनलाइन टोकन लेने में 50 रूपये खर्च आता है और यह चालान सिर्फ 3 दिन तक मान्य रहता है इसके बाद वह खत्म हो जाता है फिर दोबारा से आवेदन करना होता है। 50 रुपए दोबारा ऑनलाइन सेंटर वाले को देना पड़ेगा कभी सर्वर डाउन तो कभी चालान की डेट निकल जाती है। कभी ओटीपी की समस्या और केंद्र पर कर्मचारी समय पर नही आते। ऐसे में किसानों को दो से तीन दिन में खाद मिल पा रही है।
जिले भर के किसान मानसून आने के पहले खरीफ की बोवनी के लिए खेत तैयार करने में लग गए हैं। पहली बारिश के साथ ही किसान खेतो में सोयाबीन एवं भक्का फसलों की बोवनी करेंगे। फसलों की बोवनी के लिए खाद की जरूरत होगी लेकिन किसानों को खाद नहीं मिल पा रहा है। मांग की गई है कि कि उक्त परेशानी को दृष्टिगत रखते हुए तत्काल समाधान किया जावे। इस मौके पर घनश्याम मीणा, के.के. रिछारिया, तनिष्क त्यागी, अनुभव सेन सहित कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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